September 25, 2026
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मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में उनकी पार्टी का सिद्धांत ‘राष्ट्र प्रथम, संगठन द्वितीय और व्यक्ति तृतीय’ का रहा है।उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की जनता स्थायित्व और विकास चाहती है। राज्य सरकार प्रदेश के समग्र विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है और जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता से आगे बढ़ाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का देवभूमि उत्तराखण्ड से विशेष लगाव है। प्रधानमंत्री बनने के बाद वे अब तक 28 बार उत्तराखण्ड आ चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने सीमांत क्षेत्रों के विकास को नई प्राथमिकता दी है। प्रधानमंत्री ने माणा पहुंचकर सीमांत गांवों को देश का अंतिम नहीं बल्कि ‘प्रथम गांव’ बताया, जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास के प्रति नई सोच और दृष्टिकोण को बल मिला है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य (SDG) इंडेक्स में उत्तराखण्ड ने देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। पर्यटन के क्षेत्र में राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। उत्तराखण्ड आज फिल्म शूटिंग, एडवेंचर टूरिज्म और वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में भी अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। इस संकल्प को साकार करने में देश की युवा शक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। राज्य सरकार युवाओं को बेहतर शिक्षा, कौशल, रोजगार और स्वरोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें युवाओं के बीच जाना और उनसे संवाद करना विशेष रूप से पसंद है। वे युवाओं के बीच मुख्यमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि एक दोस्त के रूप में जाने का प्रयास करते हैं। युवाओं से संवाद के दौरान उनके नए विचारों, आकांक्षाओं और ऊर्जा को जानने का अवसर मिलता है तथा उन्हें स्वयं भी इससे नई ऊर्जा प्राप्त होती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। इसके परिणामस्वरूप मेहनती और योग्य युवाओं का भर्ती प्रणाली पर विश्वास मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि पिछले लगभग पांच वर्षों में राज्य में करीब 35 हजार युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड के मूल स्वरूप को बनाए रखने के साथ ही सरकारी भूमि को अवैध अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए भी निरंतर कार्रवाई की जा रही है। राज्य में अब तक 13 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड आज विकास के नए दौर से गुजर रहा है। राज्य सरकार का प्रयास है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे और प्रदेश के युवाओं को अपनी प्रतिभा एवं क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ने के अधिक से अधिक अवसर मिलें। प्रधानमंत्री के विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप उत्तराखण्ड को विकसित और सशक्त राज्य बनाने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है।

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