June 14, 2026
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खटीमा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा के निजी होटल में आयोजित प्रबुद्धजनों के साथ संवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने शिक्षा, चिकित्सा, पर्यटन, कृषि, साहित्य, उद्योग, अध्यात्म आदि विषयों पर अपने विचार एवं सुझाव साझा किए।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड केवल देवभूमि ही नहीं, बल्कि ज्ञान, चेतना और सांस्कृतिक विरासत की भूमि है। उन्होंने कहा कि समाज का प्रबुद्ध वर्ग राष्ट्र और समाज को दिशा देने वाली सबसे महत्वपूर्ण शक्ति है, जिसके विचार आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का निर्माण करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रबुद्धजन समाज के “ओपिनियन मेकर्स” होते हैं और उनके सुझाव राज्य के विकास की मजबूत आधारशिला बन सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मंत्र के साथ विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में देश ने सुशासन, पारदर्शिता और जनकल्याण के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। गरीब कल्याण अन्न योजना, जनधन योजना, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी), उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत और जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं ने करोड़ों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने कई ऐतिहासिक और साहसिक निर्णयों को साकार होते देखा है। धारा-370 हटाने, भव्य राम मंदिर निर्माण, तीन तलाक से मुस्लिम महिलाओं को मुक्ति दिलाने और नागरिकता संशोधन कानून जैसे फैसलों ने नए भारत की मजबूत इच्छाशक्ति को प्रदर्शित किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार भी प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में प्रदेश के समग्र विकास, सुशासन और सांस्कृतिक पहचान को सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, खेल और हवाई कनेक्टिविटी के क्षेत्र में तेजी से कार्य किए जा रहे हैं। साथ ही विभिन्न नई नीतियों के माध्यम से विकसित उत्तराखंड का मजबूत रोडमैप तैयार किया गया है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता लागू कर ऐतिहासिक कदम उठाया है, जिससे समाज में समानता और सामाजिक न्याय को मजबूती मिली है। साथ ही युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए देश का सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया, जिसके परिणामस्वरूप हजारों युवाओं को पारदर्शिता के साथ सरकारी नौकरियां प्राप्त हुई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि धर्मांतरण विरोधी कानून और दंगा विरोधी कानून लागू करने का उद्देश्य प्रदेश में कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाना तथा देवभूमि की सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का निर्माण केवल सरकारें नहीं करतीं, बल्कि समाज की सोच, नागरिकों की सहभागिता और सामूहिक प्रयास उसे नई ऊंचाइयों तक पहुंचाते हैं। उन्होंने प्रबुद्ध वर्ग से आह्वान किया कि वे अपने अनुभव, ज्ञान और सुझावों से उत्तराखंड के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि सरकार समाज के हर वर्ग से सकारात्मक सुझाव लेकर नीतियों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक, चिकित्सक, उद्योगपति, समाजसेवी और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ अपने अनुभवों से समाज और राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह बैठक केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि विकसित उत्तराखंड के निर्माण का एक वैचारिक मंच है।

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने सभी प्रबुद्धजनों का आभार व्यक्त करते हुए विकसित भारत और विकसित उत्तराखंड के निर्माण के महाअभियान में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया।

इससे पूर्व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बंडिया स्थित निजी रिसोर्ट में आयोजित मुख्य सेवक जन संवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का फूल-मालाओं एवं तिलक लगाकर भव्य स्वागत किया गया।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते वर्षों में भारत ने विकास, आधारभूत संरचना, अर्थव्यवस्था, विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। आज भारत विश्व पटल पर एक सशक्त राष्ट्र के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार भी “विकल्प रहित संकल्प” के मूल मंत्र के साथ प्रदेश को देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सिंचाई, खेल एवं शहरी विकास सहित विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से विकास कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करना, देश का सख्त नकल विरोधी कानून लागू करना तथा भ्रष्टाचार और अपराध के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

उन्होंने मतदाता सूची विशेष पुनरीक्षण अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए शुद्ध एवं पारदर्शी मतदाता सूची आवश्यक है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करें, पात्र मतदाताओं के नाम सूची में जुड़वाने और त्रुटियों के सुधार में सहयोग करें, ताकि कोई भी पात्र मतदाता मतदान के अधिकार से वंचित न रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती संस्थाओं पर विश्वास और जनभागीदारी से आती है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से विकसित भारत और विकसित उत्तराखंड के संकल्प को आगे बढ़ाने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करने का आह्वान किया।

इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने रिसोर्ट में आयोजित टिफिन बैठक में पदाधिकारियों के साथ मध्याह्न भोजन किया एवं कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने संगठन को भाजपा की सबसे बड़ी शक्ति बताया।

इस अवसर पर दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, रणजीत सिंह नामधारी, किशन सिंह किन्ना, दर्जा राज्य मंत्री हुकम सिंह कुंवर, मोहन पाठक, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद जोशी, जिला पंचायत सदस्य सागर सिंह धामी, पूर्व विधायक प्रेम सिंह राणा, अध्यक्ष नगर पंचायत नानकमत्ता प्रेम सिंह टुरना, सांसद प्रतिनिधि रविंद्र राणा, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्र, अपर पुलिस अधीक्षक उत्तम सिंह नेगी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं जनता उपस्थित रहे।

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