July 30, 2026
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राज्य में समग्र शिक्षा के अंतर्गत संचालित विभिन्न परियोजनाओं के लिये केन्द्र सरकार द्वारा स्वीकृत बजट समय पर व्यय न करने पर विभागीय मंत्री ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाते हुये भविष्य में नियत समय पर स्वीकृत धनराशि खर्च करने को कहा। साथ ही विभिन्न परियोजनाओं के लिये निर्धारित राज्यांश भी व्यय करने के निर्देश दिये। विभाग के अंतर्गत शिक्षकों की पदोन्नति के साथ ही स्थानांतरण प्रक्रिया में भी तेजी लाने को कहा।

सूबे के शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने आज अपने शासकीय आवास पर शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने भारत सरकार द्वारा समग्र शिक्षा की विभिन्न परियोजनाओं के लिये स्वीकृत धनराशि को नियत समय पर व्यय न करने के लिये वित्त नियंत्रक के साथ ही विभागीय अधिकारियों को भी खरी-खोटी सुनाई। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये कि भविष्य में बजट व्यय संबंधी किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी तथा अधिकारियों को जिम्मेदारी तय करते हुये कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने विभागीय अधिकारियों के पदोन्नति प्रक्रिया के साथ ही वार्षिक स्थानांतरण प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिये ताकि लम्बे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे शिक्षकों को न्याय मिल सके। इसी प्रकार स्थानांतरण का इंतजार कर रहे शिक्षकों को भी अनुरोध एवं अनिवार्य स्थानांतरण का लाभ मिल सके।

बैठक में पिछले दिनों भारत सरकार द्वारा पीएम-पोषण एवं समग्र शिक्षा अभियान की दो दिवसीय बैठक में लिये गये निर्णयों के क्रियान्वयन को लेकर भी अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये। विभागीय मंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार के दिशा-निर्देशों के क्रम में आगामी 8 एव 9 अगस्त को देहरादून में दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जायेगा। जिसमें सभी जनपदों के मुख्य शिक्षा अधिकारी, खण्ड शिक्षा अधिकारी तथा डायट के प्राचार्य प्रतिभाग करेंगे। कार्यशाला में प्रत्येक जनपद द्वारा समग्र शिक्षा के तहत किये गये नवाचार एवं अन्य योजनाओं के तहत किये गये बेहतर कार्यों का प्रस्तुतिकरण भी दिया जायेगा। इसके लिये उन्होंने सभी जनपद स्तरीय अधिकारियों को तैयारी के साथ बैठक में प्रतिभाग करने को कहा।

डाॅ. रावत ने महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा को समग्र शिक्षा के अंतर्गत संचालित आईसीटी लैब, वर्चुअल क्लासेज, स्मार्ट क्लासेज सहित तमाम योजनाओं का भौतिक सत्यापन कराने के भी निर्देश दिये ताकि पूर्ण हो चुकी सभी योजनाओं का विधिवत शुभारम्भ किया जा सके। विभागीय मंत्री ने राज्य के 200 विद्यालयों में पूर्व से संचालित व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को सुचारू रखने के लिये नई संस्था का चयन होने तक पूर्व की संस्था से ही कार्य लिये जाने के निर्देश भी दिये ताकि बोर्ड परीक्षा के संबंधित पाठ्यक्रमों की पढाई निरंतर चलती रहे।

बैठक में सचिव विद्यालयी शिक्षा ज्योति यादव, महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा आकांक्षा कोण्डे, निदेशक माध्यमिक शिक्षा विनोद कुमार सिमल्टी, निदेशक प्राथमिक शिक्षा के.एस. रावत, वित्त नियंत्रक विरेन्द्र कुमार सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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