September 19, 2026
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परियोजनाओं के निर्माण के लिए वन भूमि हस्तांतरण के प्रकरणों में क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण के लिए भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुक्रवार को जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने वन एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। उन्होंने निर्देश दिए कि डिग्रेडेड फॉरेस्ट लैंड और नॉन-फॉरेस्ट लैंड का शीघ्र सर्वेक्षण कराते हुए रिजर्व लैंड बैंक को अद्यतन किया जाए।

जिलाधिकारी ने वन एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि संबंधित भूमि का डाटा तैयार कर उसकी केएमएल (ज्ञडस्) फाइल बनाई जाए तथा निर्धारित पोर्टल पर अपलोड किया जाए। उन्होंने कहा कि इस कार्य में तकनीकी सहयोग के लिए लोक निर्माण विभाग और पीएमजीएसवाई के कनिष्ठ एवं सहायक अभियंताओं की सहायता ली जाए, ताकि प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न हो।

उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि अपने-अपने क्षेत्रों में राजस्व उप निरीक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए नॉन-फॉरेस्ट लैंड का सर्वेक्षण प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए। सर्वेक्षण के बाद उपलब्ध भूमि का विवरण निर्धारित पोर्टल पर समयबद्ध तरीके से अपलोड करना सुनिश्चित करें।

जिलाधिकारी ने कहा कि परियोजनाओं के लिए वन भूमि हस्तांतरण से जुड़े प्रकरणों में क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण हेतु भूमि की उपलब्धता महत्वपूर्ण है। ऐसे में रिजर्व लैंड बैंक को अद्यतन और व्यवस्थित रखना आवश्यक है, जिससे संबंधित प्रकरणों के निस्तारण में तेजी लाई जा सके।

बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी अमित कंवर, संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद, उप जिलाधिकारी सदर अपूर्वा सिंह, उप जिलाधिकारी ऋषिकेश कुमकुम जोशी, उप जिलाधिकारी डोईवाला अपर्णा ढौडियाल सहित वन एवं राजस्व विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।

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